November 7, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान होना चाहिए। राज्य में अब तक करीब दो लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की गई। इस दौरान शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग, आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन और निराकरण की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया गया।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का होगा भौतिक सत्यापन

मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का वास्तविक स्वरूप समझने के लिए जरूरत पड़ने पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिकायतों की नियमित निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि संबंधित नागरिकों को वास्तविक राहत मिले। शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता में सुधार को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की समीक्षा

बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने और जल जीवन मिशन से संबंधित नीति के शेष बिंदुओं को समय पर पूरा करने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक बिंदुओं की समीक्षा कर कमियां दूर करने और कार्ययोजना को व्यवस्थित तरीके से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

उन्होंने जल उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि योजनाओं की तैयारी और क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।

डिजिटल क्रॉप सर्वे और आधारभूत परियोजनाओं पर चर्चा

समीक्षा बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे, प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट और संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को बिना अनावश्यक विलंब के आगे बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति के साथ पेंशन और प्रशिक्षण से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई।

कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भेजें भर्ती प्रस्ताव

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रिया के लिए अपनी आवश्यकताएं और प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों से प्रस्तावों और संबंधित विषयों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने को कहा।

बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को अधिनियम के अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन के विकास पर जोर

बैठक में नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास और बेहतर प्रबंधन पर चर्चा हुई। अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के प्रबंधन और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं से जुड़े उपयोगी पहलुओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि बॉटनिकल गार्डन के विकास में आकर्षक स्वरूप के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी ध्यान में रखा जाए। इसके लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। साथ ही जंगल सफारी के प्रबंधन, संचालन और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत और लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत समेत अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

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