भोपाल। चुनाव आयोग, SIR और EVM को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी पिछले दिनों चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और EVM को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय अपने राजनीतिक प्रदर्शन पर विचार करना चाहिए।
हेमंत खंडेलवाल बोले- बिना सबूत आरोप लगाकर ध्यान भटकाने की कोशिश
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता का ध्यान भटकाने के लिए बिना सबूत के आरोप लगा रहे हैं। उनके मुताबिक चुनाव आयोग पहले ही उठाए गए कई सवालों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है।
खंडेलवाल ने कांग्रेस पर चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगातार चुनावी परिणामों की समीक्षा करनी चाहिए।
हालांकि, चुनाव आयोग और SIR को लेकर राजनीतिक विवाद फिलहाल जारी है। आयोग ने हाल में मतदाता सूची से जुड़े अपने सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू करने की बात कही है, जबकि विपक्ष इन प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहा है।
CM मोहन यादव बोले- बड़े परिवार में पैदा होने से संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल का अधिकार नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि किसी बड़े राजनीतिक परिवार में पैदा होने मात्र से किसी व्यक्ति को संवैधानिक संस्थाओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं मिल जाता।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक प्रक्रिया के फैसलों को स्वीकार करने की परंपरा रही है।
सीएम यादव ने राहुल गांधी की ओर से फॉर्म-6 और EVM को लेकर उठाए गए सवालों को भी खारिज किया और उन्हें निराधार बताया।
‘केरल में जीतें तो चुनाव व्यवस्था ठीक, हारें तो EVM पर सवाल’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर चुनावी व्यवस्था को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां उसे चुनाव प्रक्रिया ठीक नजर आती है, जबकि चुनावी हार के बाद EVM और निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते हैं।
उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस चुनाव जीतती है तो चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के बाद कांग्रेस और विपक्षी दल चुनावी तंत्र पर सवाल उठाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को जनादेश स्वीकार कर अपनी राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए।
SIR और EVM को लेकर देशभर में जारी है राजनीतिक बहस
SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी तथा विपक्षी दलों के आरोपों के बीच बीजेपी लगातार इन दावों को खारिज कर रही है। राहुल गांधी ने हाल में EVM और मतदाता सूचियों के जरिए चुनावों में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। बीजेपी ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है।
इसी बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने की जानकारी दी है। आयोग का कहना है कि प्रक्रिया कानून के अनुरूप है, जबकि विपक्ष आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहा है।
कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन पर भी CM का निशाना
कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को स्वीकार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन करने के बजाय राहुल गांधी को अपने बयानों और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर की गई टिप्पणियों पर विचार करना चाहिए।