राहुल गांधी मानहानि मामला: आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ के समक्ष होगी।
पिछली सुनवाई क्यों टली थी?
पिछली सुनवाई के दौरान कार्तिकेय चौहान और राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुए थे, जिसके कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी और इसे आगे के लिए स्थगित कर दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी, जब राहुल गांधी ने झाबुआ में एक चुनावी सभा के दौरान कथित रूप से शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय चौहान का नाम पनामा पेपर्स लीक से जोड़कर लिया था।
इसके बाद 30 अक्टूबर 2018 को कार्तिकेय चौहान ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि की शिकायत दायर की थी।

निचली अदालत की कार्रवाई
- 27 फरवरी 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया।
- पहली बार 9 मई 2025 को राहुल गांधी को अदालत में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया।
- निर्धारित तारीख पर उपस्थित न होने पर 10 मई 2025 को दूसरा समन जारी किया गया।
- दूसरे समन में उन्हें 28 अगस्त को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए।
हाईकोर्ट में चुनौती
मार्च 2026 में राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए निचली अदालत की कार्यवाही को चुनौती दी। याचिका में कहा गया कि उनके पक्ष को सुने बिना ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया और समन जारी किए गए।
इसी आधार पर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट के समन आदेश को रद्द करने की मांग की गई है।
अब क्या होगा?
7 मई 2026 को हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद आगे की सुनवाई के लिए तारीख तय की थी। अदालत पहले ही निचली अदालत की ऑर्डर शीट तलब कर चुकी है और अब यह विचार करेगी कि:
- क्या निचली अदालत ने प्रक्रिया का विधिसम्मत पालन किया था?
- क्या राहुल गांधी को पर्याप्त अवसर दिए बिना कार्रवाई की गई?
- क्या समन आदेश को बरकरार रखा जाए या उसमें हस्तक्षेप किया जाए?