मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच का अंतर अब जनता के सामने उजागर हो चुका है। मंत्री ने विरोध-प्रदर्शन, संविधान के सम्मान और कानून के पालन को लेकर भी कांग्रेस पर टिप्पणी की।

‘अराजकता फैलाना कांग्रेस का चरित्र बन गया’
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और राजनीतिक दल को विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हाथ उठाना कानून का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार हर किसी को है, लेकिन पुलिस पर हाथ उठाना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। बात संविधान की करना और काम अराजकता का फैलाना कांग्रेस का चरित्र बन गया है।”
कांग्रेस द्वारा संविधान का मुद्दा उठाए जाने पर भी मंत्री ने सवाल किया। उनका कहना था कि संविधान की प्रति लहराना आसान है, लेकिन उसकी मर्यादा और सम्मान का पालन करना अधिक महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग और राजनीतिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी
PWD मंत्री ने चुनाव आयोग और राजनीतिक व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक दलों का रुख अपनी सुविधा के अनुसार नहीं होना चाहिए।
राकेश सिंह ने कहा, “लोकतंत्र में कोई ‘राजपुरुष’ नहीं होता, देश का कानून और नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं।”
उनके इस बयान को कांग्रेस की राजनीति और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर पार्टी के रुख पर की गई टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच कांग्रेस पर निशाना
राकेश सिंह के बयान में मुख्य रूप से कांग्रेस की विरोध-प्रदर्शन की शैली, संविधान को लेकर उसके दावों और कानून के पालन का मुद्दा शामिल रहा। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
मंत्री के आरोप उनके राजनीतिक वक्तव्य का हिस्सा हैं। इन टिप्पणियों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।