यह खबर Droupadi Murmu के Kuno National Park दौरे और भारत के चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम की प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

प्रमुख बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय प्रवास पर कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं और वहां के चीता संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। उनका कूनो दौरा पहले से निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा था। (The Times of India)
- राष्ट्रपति ने चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का दौरा किया और अधिकारियों से चीता परियोजना की प्रगति की जानकारी ली।
- अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में भारत में कुल 52 चीते हैं, जिनमें 49 कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं। यह संख्या जून 2026 में एक मादा चीते की मृत्यु के बाद दर्ज की गई थी। (India Today)
- राष्ट्रपति ने विशेष रूप से Botswana से लाए गए चीतों के बारे में जानकारी ली। इस वर्ष बोत्सवाना से चीतों के नए समूह को भारत लाया गया था, जो प्रोजेक्ट चीता के विस्तार का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। (India Today)
- राष्ट्रपति का कूनो में रात्रि विश्राम और वन अधिकारियों के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार चीता परियोजना को दीर्घकालिक संरक्षण कार्यक्रम के रूप में देख रही है। (The Times of India)
इस दौरे का महत्व
कूनो नेशनल पार्क भारत के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता का केंद्र है। 2022 में नामीबिया और बाद में दक्षिण अफ्रीका तथा बोत्सवाना से चीतों को यहां लाया गया था। अब परियोजना का फोकस केवल चीतों को बसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सफल प्रजनन क्षमता, प्राकृतिक आवास में अनुकूलन और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में विस्तार पर भी है। (Outlook India)
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी राष्ट्रपति का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे चीता परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और दृश्यता मिलती है। (The Times of India)