
जिले के संकुल केंद्र मिरगौती अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय अमुआ से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक समयलाल कोल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि प्रधानाध्यापक अक्सर शराब के नशे में विद्यालय पहुंचते हैं और स्कूल परिसर में ही गंदगी कर देते हैं। इतना ही नहीं, बच्चों से उसकी सफाई कराने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक प्रधानाध्यापक नियमित रूप से समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते। कई बार वे सुबह 11 बजे तो कभी दोपहर 12 बजे के आसपास स्कूल पहुंचते हैं। शिक्षक के देर से आने के कारण बच्चे लंबे समय तक बिना पढ़ाई के स्कूल परिसर में इधर-उधर घूमते रहते हैं। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में नियमित रूप से पढ़ाई नहीं होती और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी प्रभावित रहती है।
नशे में स्कूल आने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक कई बार शराब के नशे में विद्यालय पहुंचते हैं। स्कूल परिसर में गुटखा खाकर जगह-जगह थूकने की शिकायत भी सामने आई है। इससे विद्यालय का वातावरण बच्चों के लिए अस्वच्छ और असुरक्षित होने का आरोप लगाया जा रहा है।
बच्चों से सफाई कराने का गंभीर आरोप
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि प्रधानाध्यापक नशे की हालत में विद्यालय परिसर के अंदर ही शौच कर देते हैं और बाद में कक्षा 3 के छात्र समेत अन्य मासूम बच्चों से उसकी सफाई करवाते हैं।
अभिभावकों का कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बच्चों के सम्मान, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने का स्थान है, ऐसे में बच्चों से इस तरह का काम कराया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही विद्यालय में नियमित पढ़ाई, स्वच्छता और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।