November 8, 2026

सीहोर। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों के उल्लंघन को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सीहोर जिले में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने चार प्रमुख दूध और पनीर फैक्ट्रियों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान पनीर, दूध, मावा और दही समेत खाद्य पदार्थों के 6 सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।

जांच के दौरान एक डेयरी इकाई में नॉन-फूड ग्रेड जिलेटिन के इस्तेमाल की बात सामने आई, जबकि दूसरी फैक्ट्री में पर्याप्त दस्तावेजों के बिना करीब 10 हजार लीटर दूध के भंडारण का मामला मिला है।

4 डेयरी इकाइयों का निरीक्षण, 6 सैंपल लिए

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सीहोर की चार डेयरी इकाइयों का निरीक्षण किया। इनमें शुद्धम मिल्क प्रोडक्ट्स, अल्फा प्रोटीन मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड, हम्बल काउ मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड और कोलीपुरा स्थित मिलकी वे मिल्क डेयरी शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान अलग-अलग इकाइयों से पनीर, दूध, मावा और दही के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।

नॉन-फूड ग्रेड जिलेटिन के इस्तेमाल की बात सामने आई

जांच के दौरान अल्फा प्रोटीन मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड में नॉन-फूड ग्रेड जिलेटिन का इस्तेमाल पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार यह खाद्य उपयोग के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।

वहीं हम्बल काउ मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड में पर्याप्त दस्तावेजों के बिना करीब 10 हजार लीटर दूध के भंडारण का मामला सामने आया। विभाग ने इस मामले की अलग से जांच शुरू की है।

शुद्धम और मिलकी वे डेयरी से भी लिए गए सैंपल

कार्रवाई के दौरान शुद्धम मिल्क प्रोडक्ट्स से पनीर का एक सैंपल लिया गया। वहीं मिलकी वे मिल्क डेयरी से पनीर, मावा और दही के तीन सैंपल लिए गए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी उत्पाद में मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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