November 4, 2026

धमतरी। ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकार दिलाने के मामले में धमतरी जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब तक 63 हजार 826 अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं, जिनमें से 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को दस्तावेज वितरित किए जा चुके हैं।

78 हजार 416 अधिकार अभिलेख तैयार करने का लक्ष्य

स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि पर निवासरत परिवारों को उनकी जमीन और मकान का दस्तावेजी प्रमाण दिया जा रहा है। धमतरी जिले में कुल 78 हजार 416 अधिकार अभिलेख तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रशासन के अनुसार, जिले के सभी 501 गांवों में प्रथम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 390 से अधिक गांवों में अंतिम प्रकाशन भी किया जा चुका है। अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति के स्वामित्व का दस्तावेजी प्रमाण मिलेगा।

जमीन-मकान से जुड़े विवादों में मिलेगी मदद

स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी भूमि पर रहने वाले परिवारों को उनकी संपत्ति के अधिकारों का स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध कराना है। इससे जमीन और मकान के स्वामित्व को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी तथा संपत्ति संबंधी विवादों की रोकथाम में मदद मिल सकती है।

योजना के तहत तैयार किए जा रहे अधिकार अभिलेख ग्रामीण परिवारों के लिए संपत्ति के कानूनी दस्तावेजी प्रमाण के रूप में महत्वपूर्ण हैं।

नवंबर 2026 तक शेष कार्य पूरा करने का लक्ष्य

धमतरी जिला प्रशासन ने स्वामित्व योजना के तहत शेष कार्यों को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अब प्रशासन का फोकस निर्धारित समय-सीमा में बाकी प्रक्रिया पूरी करने और पात्र ग्रामीण परिवारों तक अधिकार अभिलेख पहुंचाने पर है।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का दस्तावेजी अधिकार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हुई है।

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