September 22, 2026

ग्वालियर। ग्वालियर और मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की जल जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से चल रही चंबल-कोतवाल जल परियोजना का केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निरीक्षण किया। करीब 458 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना के जरिए ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में प्रतिदिन 150 एमएलडी पानी जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्वालियर प्रवास के पहले दिन सिंधिया ने कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज और बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और काम को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

चंबल-कोतवाल जल परियोजना के तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर तक पहुंचाया जाएगा। करीब 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी को मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक लाने की योजना है। यहां पानी का शोधन करने के बाद इसे शहर की पेयजल व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना से जुड़ी प्रमुख बातें:

  • लागत: करीब 458 करोड़ रुपये
  • ग्वालियर के लिए पानी: 150 एमएलडी प्रतिदिन
  • पाइपलाइन: करीब 31 किलोमीटर
  • पूरा करने का लक्ष्य: 31 मार्च 2027

क्वारी, सांक और आसन नदी पर बनेंगे पाइपलाइन ब्रिज

परियोजना के तहत ग्वालियर तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। रास्ते में आने वाली क्वारी, सांक और आसन नदियों को पार करने के लिए विशेष पाइपलाइन ब्रिज बनाए जा रहे हैं।

सिंधिया ने सांक नदी पर निर्माणाधीन पाइपलाइन ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की प्रगति और निर्धारित समय-सीमा के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।

2055 तक की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना

सिंधिया के मुताबिक चंबल-कोतवाल परियोजना केवल मौजूदा जल संकट से निपटने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। उनका कहना है कि परियोजना क्षेत्र की 2055 तक की जल जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर के घर-घर तक चंबल का पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। परियोजना पूरी होने के बाद शहर की पेयजल व्यवस्था को अतिरिक्त जल स्रोत मिलने की उम्मीद है।

पेयजल के साथ सिंचाई पर भी जोर

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए घरेलू जलापूर्ति के साथ किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने चंबल-पार्वती-सिंध परियोजना सहित अन्य सिंचाई योजनाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किए जाने की बात कही।

चंबल-कोतवाल परियोजना का काम तय समय-सीमा के अनुसार पूरा होने के बाद ग्वालियर की पेयजल व्यवस्था को अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की उम्मीद है। ऐसे में परियोजना की प्रगति और निर्धारित समय पर इसके पूरा होने पर क्षेत्र की नजर बनी हुई है।

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