बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने विजय बघेल की ओर से दायर चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने की मांग को लेकर भूपेश बघेल की ओर से पेश आवेदन को खारिज कर दिया है। अब विजय बघेल की चुनाव याचिका पर साक्ष्य और गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

विजय बघेल ने दायर की है चुनाव याचिका
पाटन विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे विजय बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री और तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन सहित विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। मामले में अब कोर्ट के समक्ष इन दावों पर आगे न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।
आदेश 7 नियम 11 के तहत दिया था आवेदन
विजय बघेल की चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही निरस्त करने के लिए भूपेश बघेल की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस आवेदन में चुनाव याचिका की वैधानिकता और समय-सीमा से जुड़े आपत्तियां उठाई गई थीं।
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आवेदन पर आदेश के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की थी। कोर्ट ने निर्धारित तारीख पर भूपेश बघेल की अर्जी खारिज कर दी।
10 सितंबर को कोर्ट पहुंचे थे विजय बघेल
इस मामले में 10 सितंबर को विजय बघेल और उनके गवाह सौरभ दुबे अपने साक्ष्य दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, भूपेश बघेल की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई के चलते उस दिन साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
5 अक्टूबर से शुरू होगी गवाही
अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद चुनाव याचिका में साक्ष्य और गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विजय बघेल को 5 अक्टूबर को कोर्ट में उपस्थित होकर गवाही देने के लिए कहा गया है। इसके बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
मुख्य चुनाव याचिका पर अभी अंतिम फैसला नहीं
हाईकोर्ट का यह आदेश विजय बघेल की मुख्य चुनाव याचिका के अंतिम नतीजे से संबंधित नहीं है। कोर्ट ने फिलहाल भूपेश बघेल की उस अर्जी को खारिज किया है, जिसमें चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त करने की मांग की गई थी। अब याचिका में लगाए गए आरोपों और दावों पर साक्ष्य की प्रक्रिया के बाद आगे सुनवाई होगी।