साल्हेवारा में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई, जांच में अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिलने सहित कई अनियमितताएं सामने आईं

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को विकासखंड छुईखदान के साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी केंद्र को नियमों के उल्लंघन के मामले में सीलबंद कर दिया गया। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने की।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर, साल्हेवारा के संबंध में पहले प्राप्त शिकायत के आधार पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल और उनकी टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान सोनोग्राफी केंद्र के संचालन में निर्धारित नियमों और प्रावधानों के पालन में कई कमियां पाई गईं।
इसके बाद केंद्र संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए थे।
जांच में सामने आईं ये अनियमितताएं
जांच के दौरान पाया गया कि केंद्र में कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निर्धारित प्रारूपों को नियमानुसार नहीं भरा जा रहा था।
सोनोग्राफी रिपोर्टिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच में ऐसे रिपोर्टिंग फॉर्मेट भी मिले, जिनमें किसी अन्य रेडियोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर पहले से अंकित थे। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
जिला सलाहकार समिति ने लिया सीलबंदी का निर्णय
केंद्र संचालक की ओर से नोटिस के जवाब में प्रस्तुत पक्ष को जिला सलाहकार समिति की बैठक में रखा गया। बैठक में जांच प्रतिवेदन, सामने आई अनियमितताओं और संचालक के जवाब पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इसके बाद समिति ने सर्वसम्मति से सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद करने का निर्णय लिया।
कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
समिति के निर्णय के आधार पर कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने उच्चस्तरीय संयुक्त जांच एवं कार्रवाई दल गठित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इन निर्देशों के पालन में 14 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा, पीसीपीएनडीटी के अधिकृत समुचित प्राधिकारी डॉ. मनीष बघेल, डॉ. बोधन सिंह, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. विवेक बिसेन और संबंधित लिपिक अर्पित गुप्ता उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। सोनोग्राफी केंद्रों का संचालन पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुरूप होना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।