भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश सेमीकॉन इंडिया-2026 में राज्य भागीदार के रूप में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नई दिल्ली के यशोभूमि स्थित मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन का दौरा करेंगे। इस दौरान वे स्वीडिश और जापानी प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे।

बैठकों में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश के अवसर, तकनीकी सहयोग और संभावित साझेदारियों पर चर्चा प्रस्तावित है। इन बैठकों में ऑक्साइड कॉर्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स, इम्पुट इंक., एक्रीटेक, कैनन, मैकडर्मिड अल्फा, हनवा, काइजो और जेनेसेम इंक. समेत विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को प्रदर्शित करेगा मध्यप्रदेश
यशोभूमि में लगाए गए मध्यप्रदेश पवेलियन में राज्य के उभरते सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम, औद्योगिक क्षमताओं और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है।
पवेलियन में एचएलबीएस, कास्टएनएक्स और सिक्योर मीटर्स जैसी कंपनियां भाग ले रही हैं। वहीं शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षेत्र का प्रतिनिधित्व IIT इंदौर, IIIT ग्वालियर, आईटीडीएवीवी और SGSITS इंदौर द्वारा किया जा रहा है।
केंद्र सरकार भी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। मई 2026 तक सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत 12 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और 24 सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनियों को वित्तीय सहायता के लिए मंजूरी दिए जाने की जानकारी MeitY ने दी है।
17 से 19 सितंबर तक यशोभूमि में आयोजन
सेमीकॉन इंडिया-2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जा रहा है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियां, प्रौद्योगिकी संस्थान, निवेशक, शिक्षाविद और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े अन्य हितधारक शामिल हो रहे हैं।
निवेश और तकनीकी साझेदारी पर रहेगा फोकस
मध्यप्रदेश की भागीदारी का उद्देश्य राज्य में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की औद्योगिक एवं संस्थागत क्षमताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखना है।
राज्य की ओर से निवेश, तकनीकी साझेदारी, विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और कुशल रोजगार से जुड़े अवसरों पर संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रिसर्च और स्किलिंग पर भी जोर
सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख फोकस है। MeitY के अनुसार भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए स्किलिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग पर भी काम किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश अपने राज्य पवेलियन के माध्यम से उद्योग, अकादमिक संस्थानों और निवेशकों के बीच सहयोग की संभावनाओं को सामने रख रहा है। मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बैठकों में विदेशी कंपनियों के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।