November 6, 2026

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। बयान से नाराज विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के धमतरी में विरोध प्रदर्शन किया। गांधी मैदान के पास एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया और बयान की निंदा की।

क्या है सम्राट चौधरी के बयान का पूरा मामला?

दरअसल, पटना के ज्ञान भवन में भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का जिक्र किया था।

इस दौरान उन्होंने कहा था कि जब प्रधानमंत्री मोदी करीब पांच करोड़ गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध करा रहे थे, तब प्रभु श्रीराम भी 400 साल से टेंट में इंतजार कर रहे थे कि ‘मोदी जी, हमको घर कब दोगे।’

उनके इसी बयान को लेकर हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है। बयान के विरोध में धमतरी में प्रदर्शन किया गया।

धमतरी में VHP और बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन

सम्राट चौधरी के बयान से नाराज विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता शुक्रवार को धमतरी के गांधी मैदान के पास बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के जिला मंत्री प्रिंस जैन ने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम पूरे जगत के पालनकर्ता हैं और उनकी छत्रछाया में सभी रहते हैं। ऐसे में भगवान श्रीराम को आवास देने की बात कहना उचित नहीं है।

PM मोदी से भी की गई अपील

प्रिंस जैन ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी सत्ता के अहंकार में चूर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे ऐसे लोगों के साथ न रहें। जैन ने कहा कि ऐसा करने से प्रधानमंत्री की हिंदुत्ववादी छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

सम्राट चौधरी के बयान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब बिहार से बाहर छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया है। धमतरी में हुए प्रदर्शन के जरिए हिंदू संगठनों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।

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