मध्य प्रदेश में खाद की कमी नहीं, 17 अगस्त से फिर शुरू होगा वितरण
मध्य प्रदेश में खाद की कमी की खबरों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। खाद की बिक्री 15 और 16 अगस्त को इसलिए रोकी गई है ताकि भारत सरकार के IFMS पोर्टल और रिटेलरों के स्टॉक का मिलान (Reconciliation) किया जा सके।
सरकार के मुताबिक यह प्रक्रिया 16 अगस्त की शाम तक पूरी हो जाएगी और 17 अगस्त से खाद का वितरण दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

कितना खाद स्टॉक में है?
कृषि सचिव निशांत वरवड़े के अनुसार:
- यूरिया: 1 अप्रैल से अब तक 17.04 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ, जिसमें 12.83 लाख मीट्रिक टन किसानों द्वारा उठाया गया। वर्तमान उपलब्धता 4.21 लाख मीट्रिक टन है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1.60 लाख मीट्रिक टन थी।
- डीएपी + एनपीके: कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें 7.09 लाख मीट्रिक टन उठाव हुआ। वर्तमान स्टॉक 4.10 लाख मीट्रिक टन है, जबकि पिछले वर्ष 3 लाख मीट्रिक टन था।
- एसएसपी: कुल उपलब्धता 6.78 लाख मीट्रिक टन रही और 3.61 लाख मीट्रिक टन उठाया गया। वर्तमान स्टॉक 3.17 लाख मीट्रिक टन है।
20 अगस्त से विशेष अभियान
सरकार 20 अगस्त से “हर किसान, हर घर, हर खेत खाद अभियान” शुरू करने जा रही है। इसके तहत रबी सीजन के लिए किसानों को इसी महीने से खाद उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकार का दावा: मौजूदा आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस समय प्रदेश में यूरिया और डीएपी+एनपीके का स्टॉक अधिक है। इसलिए 15-16 अगस्त की बिक्री बंदी को खाद की कमी नहीं, बल्कि स्टॉक मिलान की अस्थायी प्रक्रिया बताया गया है।