कबीरधाम जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते शंकरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। अमरौड़ी गांव में नदी किनारे बना प्रधानमंत्री आवास तेज बहाव की चपेट में आकर ढह गया और देखते ही देखते नदी में बह गया। मकान के नदी में बहने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

लगातार बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण शंकरी नदी में पानी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी का बहाव भी तेज हो गया है। इसी तेज बहाव की चपेट में अमरौड़ी गांव में नदी किनारे बना एक पक्का प्रधानमंत्री आवास आ गया।
बताया जा रहा है कि नदी का पानी बढ़ने के साथ ही मकान की नींव कमजोर हुई और देखते ही देखते पूरा मकान भरभराकर नदी में समा गया। इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बुजुर्ग महिला के रहने के लिए बना था मकान
जानकारी के मुताबिक, इस प्रधानमंत्री आवास में एक बुजुर्ग महिला रहती थी। लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए परिवार ने समय रहते मकान खाली कर दिया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पक्का मकान कुछ ही देर में तेज बहाव के सामने टिक नहीं पाया और ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी में बह गया।
सावधानी से टला बड़ा हादसा
मकान गिरने के वक्त उसमें कोई मौजूद नहीं था। लगातार बारिश और शंकरी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए परिवार ने पहले ही सुरक्षित स्थान पर जाने का फैसला कर लिया था। आसपास के कुछ अन्य मकानों को भी एहतियात के तौर पर खाली कराया गया है।
ग्रामीणों की इस सावधानी के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया और घटना में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
प्रशासन से मदद की उम्मीद
मकान नदी में बह जाने के बाद प्रभावित परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद अब तक जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं की गई है।
लगातार बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में खतरा बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
बारिश और बाढ़ के बीच अलर्ट रहने की जरूरत
कबीरधाम में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से भी लोगों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।