कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के ग्राम जैतपुरी में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। धान के खेतों के बीच तेंदुआ दिखाई देने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुआ पहले भी कई बार गांव में नजर आ चुका है और अब तक 4 से 5 बकरियों का शिकार कर चुका है।

भोरमदेव अभयारण्य से लगा है गांव
ग्राम जैतपुरी भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र से लगा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियां गांव के आसपास देखी जा रही हैं। खेतों के बीच तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने की तैयारी की जा रही है।
रायपुर जंगल सफारी से मंगाई जा रही ट्रेंकूलाइजेशन गन
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा ट्रेंकूलाइजेशन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रायपुर स्थित जंगल सफारी से ट्रेंकूलाइजेशन गन मंगाई जा रही है।
वन विभाग के अनुसार, गन को मौके तक पहुंचने में करीब 2 से 3 घंटे का समय लग सकता है। इसके बाद विशेषज्ञ टीम तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की कार्रवाई करेगी।
मौके पर वन विभाग की टीम, सैकड़ों ग्रामीण जुटे
मौके पर वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं। पुलिस टीम भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
तेंदुए को देखने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए हैं। इससे रेस्क्यू टीम के सामने भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती बनी हुई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और तेंदुए के नजदीक नहीं जाने की अपील की है। टीम लगातार तेंदुए की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रख रही है।
फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाना है।