गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बेशकीमती सागौन की लकड़ी की अंतरराज्यीय तस्करी का मामला सामने आया है। तस्करों ने फिल्म ‘पुष्पा’ की तर्ज पर तस्करी का तरीका अपनाते हुए उदंती नदी के बहाव का सहारा लेकर सागौन के लट्ठों को छत्तीसगढ़ से ओडिशा पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, वन विभाग और गरियाबंद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तस्करों की योजना नाकाम हो गई।
संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय सागौन तस्करी गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।

स्मार्ट सर्विलांस से मिली तस्करी की सूचना
जानकारी के मुताबिक, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की स्मार्ट सर्विलांस व्यवस्था और मैदानी सूचना तंत्र के जरिए वन अमले को सागौन तस्करी की जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने संबंधित इलाकों में निगरानी बढ़ाई।
जांच के दौरान पता चला कि तस्कर उदंती नदी के बहाव का इस्तेमाल कर सागौन के लट्ठों को ओडिशा की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। टीम ने घेराबंदी कर मौके से तीन आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों के तार छत्तीसगढ़ और ओडिशा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
पहले भी नदी के रास्ते लकड़ी तस्करी की कोशिश
वन विभाग के मुताबिक, पिछले बारिश के मौसम में भी नदी के बहाव का इस्तेमाल कर लकड़ी की तस्करी करने की कोशिश का मामला सामने आया था। उस दौरान वन अमले ने एक आरोपी को पकड़ लिया था।
इसके बाद बारिश के मौसम को देखते हुए वन विभाग ने नदियों और उनके आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी और बढ़ा दी थी। इसी सतर्कता के चलते इस बार अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का पता लगाने में सफलता मिली।
गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी टीम
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। वन विभाग और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, सागौन की लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसे ओडिशा में किसके जरिए खपाने की योजना थी।
वहीं, फरार तीन आरोपियों की तलाश में भी टीम लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद अंतरराज्यीय सागौन तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।