September 21, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 70 पासपोर्ट तैयार किए जाने के मामले में STF ने पांचवें आरोपी नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया है। भोपाल निवासी नसीम अख्तर से पूछताछ में उसके टूर एंड ट्रैवल्स और पासपोर्ट एजेंट के रूप में काम करने की जानकारी सामने आई है। STF के मुताबिक, जांच में आरोपी के तार फर्जी पासपोर्ट मामले के मुख्य आरोपी मियानंद भिक्षु उर्फ रियाल चौधरी भिक्षु से जुड़े होने की बात सामने आई है।

2016 से टूर एंड ट्रैवल्स का काम, बाद में बना पासपोर्ट एजेंट

STF की पूछताछ में नसीम अख्तर ने बताया कि उसने वर्ष 2016 से टूर एंड ट्रैवल्स का काम शुरू किया था। इसके बाद वह पासपोर्ट एजेंट के तौर पर भी काम करने लगा।

जांच के मुताबिक, पासपोर्ट कार्यालय भोपाल के बाहर उसकी मुलाकात मियानंद भिक्षु से हुई थी। STF का आरोप है कि इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने का सिलसिला शुरू हुआ।

आरोपी के पास से 8 फर्जी पासपोर्ट बरामद

STF डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक, जांच में पासपोर्ट कार्यालय के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपी नसीम अख्तर के पास से 8 फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए हैं।

STF के अनुसार, मुख्य आरोपी नसीम अख्तर को पासपोर्ट तैयार कराने के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराता था। इसके बदले प्रत्येक फर्जी पासपोर्ट के लिए 25 से 30 हजार रुपये दिए जाने की बात पूछताछ में सामने आई है।

पासपोर्ट ऑफिस में सेटिंग का STF का दावा

STF के मुताबिक, पूछताछ में नसीम अख्तर ने पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों से कथित ‘सेटिंग’ होने की बात बताई है। जांच एजेंसी का दावा है कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत से दस्तावेजों में हेरफेर कर पासपोर्ट तैयार कराए गए।

हालांकि, अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

मोनिका बेदी-अबू सलेम मामले के पैटर्न का भी जिक्र

STF की जांच में फर्जी पासपोर्ट तैयार करने के कथित तरीके की तुलना अभिनेत्री मोनिका बेदी और गैंगस्टर अबू सलेम से जुड़े पुराने फर्जी पासपोर्ट मामले के पैटर्न से की जा रही है।

जांच के मुताबिक, फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए नगर निगम से जुड़े दस्तावेजों के अलावा स्थायी प्रमाण पत्र और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया। स्थायी प्रमाण पत्र के लिए शपथ पत्र और दो मठों में रहने वाले भिक्षुओं के हस्ताक्षर कराए जाने की बात भी सामने आई है।

STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए कितने पासपोर्ट तैयार किए गए, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पासपोर्ट कार्यालय से जुड़े किन अधिकारियों की भूमिका रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *