छत्तीसगढ़ के कोटा क्षेत्र में मलेरिया के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 10 दिनों में क्षेत्र में मलेरिया के 25 मरीज सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने छतौना, शिवतराई, औरापानी तथा केंदा गांव में जांच शिविर लगाए। शिविर के दौरान 356 ग्रामीणों की जांच की गई, जिसमें केंदा गांव के तीन नए मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई। इनमें दो मरीजों को गनियारी जन स्वास्थ्य केंद्र और एक मरीज को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बुखार से पीड़ित अन्य ग्रामीणों के भी रक्त के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।

कोटा विधानसभा क्षेत्र और आसपास के 72 गांवों को पहले से ही मलेरिया संवेदनशील घोषित किया गया है। बारिश के मौसम में इन गांवों में हर वर्ष मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डीडीटी का छिड़काव और मच्छरदानियों का वितरण समय पर नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। क्षेत्र में हर साल मलेरिया से मौतों के मामले भी सामने आते रहे हैं।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि लगातार जांच, उपचार और रोकथाम संबंधी उपायों के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।