रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिला बंदियों के पुनर्वास और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की गई है। रायपुर सेंट्रल जेल में प्रदेश की पहली महिला ओपन जेल (Women Open Correctional Institution-OCI) का शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत चयनित महिला बंदिनयां दिन में जेल परिसर से बाहर जाकर विभिन्न रोजगारमूलक कार्य कर सकेंगी और शाम को वापस ओपन जेल परिसर में लौटेंगी।

रायपुर सेंट्रल जेल में शनिवार को जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने महिला ओपन जेल का शुभारंभ किया। इस दौरान जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला ओपन जेल प्रभारी खुशबू मिश्रा सहित जेल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
25 महिला बंदिनयों को मिलेगा रोजगार का अवसर
रायपुर जेल में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए महिला ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन शुरू किया गया है। इस ओपन जेल में फिलहाल 25 महिला बंदिनयों के रहने की व्यवस्था की गई है।
इस व्यवस्था के तहत महिला बंदिनयां सुबह विभिन्न कार्यों के लिए जेल से बाहर स्थित परिसर में जाएंगी और दिनभर रोजगारमूलक गतिविधियों में शामिल होने के बाद शाम को वापस लौटेंगी।
सिलाई सेंटर और ब्यूटी पार्लर में करेंगी काम
जेल की ऊंची दीवारों के बाहर मंदिर के पास स्थित परिसर में महिला बंदिनयों के लिए रोजगार के विभिन्न अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यहां सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर और जेल उत्पादों के बिक्री केंद्र संचालित किए जाएंगे।
इनके अलावा महिला बंदिनयों की रुचि और क्षमता के अनुसार रोजगार के अन्य वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य उन्हें कौशल विकास और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
महिला ओपन जेल की व्यवस्था का उद्देश्य केवल बंदियों को रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
ओपन जेल व्यवस्था में महिला बंदियों को नियंत्रित और सुरक्षित वातावरण में काम करने का अवसर मिलेगा। दिन में रोजगारमूलक गतिविधियों में शामिल होने के बाद उन्हें शाम को वापस ओपन जेल परिसर में लौटना होगा।
जेल प्रशासन की इस पहल से महिला बंदियों को काम का अनुभव, कौशल विकास और भविष्य में रोजगार के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।