इंदौर। राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। कार्यक्रम की तारीख 19 सितंबर तय है, लेकिन अभी तक आयोजन स्थल को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन अनुमति देने में जानबूझकर देरी कर रहा है। पार्टी के मुताबिक पिछले करीब 10 दिनों से अलग-अलग स्थानों के लिए अनुमति मांगी जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

नेहरू स्टेडियम के बाद कई मैदानों के विकल्प
कांग्रेस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए पहले नेहरू स्टेडियम का प्रस्ताव रखा था। अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी ने प्रशासन के सामने कई वैकल्पिक मैदानों के नाम रखे हैं।
इनमें रीजनल पार्क के सामने IDA मैदान, खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) का ग्राउंड और आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के पीछे का मैदान शामिल हैं। कांग्रेस की ओर से डेली कॉलेज के मैदान समेत अन्य विकल्प भी प्रशासन के सामने रखे जाने की बात कही गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम की तारीख तय है और तैयारियां भी चल रही हैं, लेकिन हजारों छात्रों को कहां जुटाया जाएगा, यह अब तक स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस बोली- 8 से 10 दिन से अनुमति का इंतजार
कांग्रेस नेता विपिन वानखेड़े ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए 8 से 10 दिन बीतने के बावजूद अनुमति नहीं दी जा रही है।
वानखेड़े के मुताबिक कांग्रेस पदाधिकारी कलेक्टर, पुलिस और प्रशासन के अन्य विभागों से लगातार लिखित अनुमति मांग रहे हैं। उनका आरोप है कि कई विकल्प देने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी इंदौर में छात्रों से सीधे संवाद कर शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं।
कांग्रेस का कलेक्टर पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप
विपिन वानखेड़े ने इंदौर कलेक्टर पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘BJP के एजेंट के रूप में काम करने’ तक का आरोप लगाया है।
हालांकि, यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक आरोप है और इस संबंध में जिला प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
BJP ने भी प्रस्तावित स्थल को लेकर जताई आपत्ति
वेन्यू विवाद में भाजपा की ओर से भी आपत्ति सामने आई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने पुलिस आयुक्त और जिला कलेक्टर को कार्यक्रम के प्रस्तावित स्थल को लेकर शिकायत दी थी।
वहीं, प्रशासन और नगर निगम की ओर से नेहरू स्टेडियम के उपयोग को लेकर नियमों का हवाला दिया गया है। स्टेडियम को खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित होने की बात भी सामने आई है।
इस तरह कार्यक्रम स्थल का मुद्दा अब कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है।
19 सितंबर को कार्यक्रम, लेकिन मैदान पर सस्पेंस बरकरार
कांग्रेस राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं के साथ बड़े संवाद के रूप में पेश कर रही है। पार्टी स्तर पर तैयारियां भी जारी हैं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम से जोड़ने की कवायद चल रही है।
लेकिन 19 सितंबर को कार्यक्रम होना है और आयोजन स्थल अभी फाइनल नहीं हुआ है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन के अगले फैसले पर है कि कांग्रेस को किस मैदान में कार्यक्रम की अनुमति मिलती है।