रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की।

डैशबोर्ड से योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना’ के तहत पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए राज्य स्तर पर विशेष डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसमें राज्य और केंद्र सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वे किए गए हितग्राहियों की सूची दर्ज है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय डैशबोर्ड में सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। इससे योजनाओं की निगरानी में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
PM किसान से लेकर PM आवास तक योजनाओं की समीक्षा
बैठक में मुख्य सचिव ने कई प्रमुख योजनाओं की संतृप्तिकरण स्थिति की जानकारी अधिकारियों से ली। इनमें:
- प्रधानमंत्री किसान योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड
- राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण
- जॉब कार्ड
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण
- महतारी वंदन योजना
- कौशल विकास कार्यक्रम
- प्रधानमंत्री जन-धन योजना
- अन्य हितग्राही मूलक योजनाएं
शामिल हैं।
इसके अलावा भारत सरकार के गृह मंत्रालय की बैठक के कार्यवाही विवरण के आधार पर चल रहे संतृप्ति अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बस्तर संभाग और नियद नेल्ला नार-2.0 पर भी चर्चा
बैठक में बस्तर संभाग में योजनाओं के संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल पर राशन कार्ड के आधार पर तैयार हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।
अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की स्थिति से जुड़े आंकड़ों की जानकारी ली गई।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।