November 6, 2026

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ का गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच अभयारण्य में 50 काले हिरणों को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इससे भविष्य में जंगल सफारी विकसित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

बारनवापारा के बाद गोमर्डा में काले हिरणों के संरक्षण की तैयारी

वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में नवा रायपुर में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरण छोड़ने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इससे पहले बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों को खुले जंगल में छोड़ने का प्रयोग सफल बताया गया है।

गोमर्डा अभयारण्य सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की प्रमुख प्राकृतिक धरोहरों में शामिल है। यहां के घने जंगल, हरियाली और वन्यजीवों की विविधता प्राकृतिक पर्यटन के विकास की संभावनाएं बढ़ाते हैं। काले हिरणों के स्थानांतरण और भविष्य में जंगल सफारी की सुविधाएं विकसित होने से पर्यटकों को वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने का अवसर मिल सकता है।

जंगल सफारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकती है मजबूती

गोमर्डा अभयारण्य में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होने पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। जंगल सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए पर्यटक गाइड, वाहन चालक, परिवहन सेवा और अन्य पर्यटन संबंधी कार्यों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

इसके अलावा भोजनालय, ग्रामीण होमस्टे, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के विपणन से छोटे व्यापारियों, महिला स्वसहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को भी आय के नए साधन मिल सकते हैं। हालांकि, इन अवसरों का वास्तविक विस्तार पर्यटन सुविधाओं के विकास और गतिविधियों के संचालन पर निर्भर करेगा।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पर्यटन विकास को मिलेगा बढ़ावा

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पूर्ववर्ती रायगढ़ और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के क्षेत्रों को मिलाकर गठित किया गया है। क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का बेहतर उपयोग पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मददगार हो सकता है।

प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी के विधानसभा क्षेत्र रायगढ़ से ऐतिहासिक और भौगोलिक जुड़ाव रखने वाले इस जिले में पर्यटन विकास की पहल को क्षेत्रीय विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक समन्वय पर रहेगा जोर

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के नेतृत्व में जिला प्रशासन की भूमिका पर्यटन सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण हो सकती है। वन विभाग और संबंधित विभागों के समन्वय से अभयारण्य तक पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा, मार्गदर्शन केंद्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की संभावनाएं हैं।

स्थानीय युवाओं को पर्यटन सेवाओं का प्रशिक्षण देने, महिला समूहों को पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों के विपणन से जोड़ने तथा ग्रामीण परिवारों के लिए आवासीय पर्यटन के अवसर विकसित करने से स्थानीय भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।

वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन विकास की उम्मीद

गोमर्डा अभयारण्य में काले हिरणों को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पर्यटन के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भविष्य में जंगल सफारी और अन्य सुविधाएं विकसित होती हैं तो सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है। इससे स्थानीय व्यापार, ग्रामीण आजीविका और रोजगार के अवसरों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *