उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में गणेशोत्सव के अवसर पर भगवान श्री गणेश को 5 लाख 51 हजार मोदक का भोग लगाया गया। भोग के बाद मोदक का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी संत उमेशनाथ महाराज ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान सिद्धिविनायक का पूजन-अर्चन किया।

सप्तपुरियों में शामिल अवंतिका नगरी के श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में 12 दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदोष पर्व पर भगवान गणेश को बड़ी संख्या में मोदक अर्पित किए गए।
राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज ने किया पूजन
राज्यसभा सांसद बालयोगी संत उमेशनाथ महाराज ने श्री सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से भगवान गणेश का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा में उज्जैन के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि धर्मनगरी उज्जयिनी प्राचीन नगरी है और सप्तपुरियों में इसका विशेष स्थान है। उनके अनुसार यहां स्थित प्रत्येक देवस्थान का अपना धार्मिक महत्व है।
सिंहस्थ को लेकर भी बोले उमेशनाथ महाराज
संत उमेशनाथ महाराज ने कहा कि आगामी दिनों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन में भव्य सिंहस्थ का आयोजन होने जा रहा है। इसके लिए पूरी अवंतिका नगरी को सजाने और संवारने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के कारण उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों का महत्व और बढ़ जाता है।
राजा भर्तृहरि से जुड़ी है मंदिर की मान्यता
श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर के प्राचीन इतिहास का उल्लेख करते हुए संत उमेशनाथ महाराज ने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर की स्थापना राजा भर्तृहरि ने की थी। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र पूर्व में महाकाल वन के नाम से जाना जाता था और वर्तमान में महाकाल मंदिर परिक्षेत्र का हिस्सा है।
मंदिर परिसर में स्थित भगवान गणेश की प्राचीन प्रतिमा की दिव्यता श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।