रायपुर। केंद्रीय जेल रायपुर में शनिवार को पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक पहुंचकर करीब चार घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर 3 बजे तक जारी रही। इस दौरान जेल परिसर के साथ अलग-अलग बैरकों में कैदियों और उनके सामान की बारीकी से जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान कोई विशेष प्रतिबंधित या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई।

DCP और ADM के नेतृत्व में चला अभियान
केंद्रीय जेल में यह औचक तलाशी अभियान DCP क्राइम IPS स्मृतिक राजनाला, DCP सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल और ADM उमाशंकर बाँधे के नेतृत्व में चलाया गया।
अभियान में करीब 50 पुलिस जवानों के साथ क्राइम ब्रांच, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और सेंट्रल जोन के विभिन्न थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
अलग-अलग टीमों ने एक साथ खंगालीं बैरकें
तलाशी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। टीमों ने जेल परिसर और अलग-अलग बैरकों में एक साथ पहुंचकर कैदियों, उनके सामान और आसपास के स्थानों की सघन जांच की।
अधिकारियों के मुताबिक, समानांतर रूप से कई बैरकों की तलाशी लिए जाने से पूरे जेल परिसर में व्यापक सुरक्षा जांच की गई।
अभियान की निगरानी अतिरिक्त DCP सेंट्रल जोन विवेक शुक्ला, अतिरिक्त DCP ACCU गौरव मंडल, ACP कोतवाली दीपक मिश्रा और प्रशिक्षु DSP अमित कोसमा ने की।
महिला बैरक में भी अलग टीम ने की जांच
तलाशी अभियान के दौरान महिला बैरक के लिए अलग टीम तैनात की गई थी। टीम ने सुरक्षा मानकों के अनुरूप महिला बैरक की तलाशी ली। इसके अलावा जेल परिसर के अन्य चिन्हित स्थानों को भी जांच के दायरे में रखा गया।
कोई विशेष प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली
पुलिस के अनुसार, करीब चार घंटे चले तलाशी अभियान के दौरान कोई विशेष आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई।
पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर इस तरह के औचक निरीक्षण किए जाते हैं। इनका उद्देश्य जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और प्रतिबंधित सामग्री के संभावित प्रवेश या इस्तेमाल को रोकना है।
जेल प्रशासन को सतर्कता बनाए रखने के निर्देश
अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तथा जवानों ने अलग-अलग बैरकों की जांच की। तलाशी के बाद अधिकारियों ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।