भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह से जुड़े ठगी और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने अयोध्या नगर थाने के टीआई के भाई रोहित लिल्हारे को भी आरोपी बनाया है और उसके खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले में कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।

CDR की जांच में सामने आया रोहित लिल्हारे का नाम
पुलिस जांच के मुताबिक, तृप्ति सिंह के कहने पर रोहित लिल्हारे ने एक युवती से फोन पर बात की थी। आरोप है कि युवतियों से फोन पर बातचीत कराने के बाद तृप्ति ने रोहित को भोपाल विधानसभा परिसर से दोनों युवतियों के साथ बनाए गए कुछ वीडियो भी भेजे थे।
जांच में यह भी सामने आने की बात कही जा रही है कि तृप्ति ने रोहित से कहा था कि जिस युवती से उसने फोन पर बात की थी, उसकी नौकरी लग गई है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर किए गए फर्जीवाड़े की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
40 लाख रुपये के लेन-देन की भी जांच
शुरुआती जांच में रोहित लिल्हारे द्वारा तृप्ति सिंह को 40 लाख रुपये देने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि बातचीत और लेन-देन से जुड़ा घटनाक्रम 2024 से 2025 के बीच का है।
पुलिस इस रकम के लेन-देन की परिस्थितियों और मामले में उसकी भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
अब तक पांच आरोपी नामजद
रोहित लिल्हारे का नाम जुड़ने के बाद मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कथित फर्जीवाड़े के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा अलग-अलग आरोपियों की क्या भूमिका रही। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।