November 6, 2026

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के आड़ेझर गांव में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने तीन दिनों तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव का पानी पीने योग्य नहीं है और गांव में कराए गए बोरवेल भी सफल नहीं हुए हैं। इसके चलते ग्रामीणों ने गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर जंगल में दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर बैठकर विरोध जताया।

चक्काजाम के कारण महामाया, दुलकी और कलवर माइंस से कच्चा लोहा लेकर आने-जाने वाली सैकड़ों गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। तीन दिनों तक प्रशासन और बीएसपी के अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की बातचीत का समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद एसडीएम सुरेश साहू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया।

बोइरडीही जलाशय से पानी देने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि गांव में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए बोइरडीही जलाशय से पानी की आपूर्ति की जाए। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में उपलब्ध पानी पीने लायक नहीं है और बोरवेल से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।

इसी मांग को लेकर ग्रामीण दिन-रात सड़क पर धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शन के कारण दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

एसडीएम ने दिया लिखित आश्वासन

लगातार तीन दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद एसडीएम सुरेश साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर लिखित आश्वासन दिया कि गांव में अगले दिन तक बोर खनन कराया जाएगा।

प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि यदि नए बोरवेल से पानी नहीं निकलता है, तो इसके बाद बोइरडीही जलाशय से गांव में पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और सड़क पर यातायात बहाल हो गया।

तीन दिन तक सड़क पर डटे रहे ग्रामीण

ग्रामीणों का प्रदर्शन लगातार तीन दिनों तक चला। इस दौरान दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। ग्रामीणों का कहना था कि पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस दौरान जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम और जनपद सदस्य डौंडी तुलेश्वर हिचमी भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे।

सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात

लगातार तीन दिनों से सड़क जाम होने के बाद देर शाम मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी पहुंचा। पुलिस की तैनाती का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना और यातायात व्यवस्था बनाए रखना था।

माइंस से कच्चा लोहा ले जाने वाले वाहनों पर असर

चक्काजाम के चलते महामाया माइंस, दुलकी माइंस और कलवर माइंस से कच्चा लोहा लेकर आने-जाने वाली सैकड़ों गाड़ियां प्रभावित हुईं। स्थानीय स्तर पर इससे बीएसपी के खनिज परिवहन और संचालन पर असर पड़ने की बात सामने आई है।

प्रदर्शन के कारण बीएसपी को आर्थिक नुकसान होने का भी दावा किया गया है। हालांकि, नुकसान की आधिकारिक राशि की पुष्टि नहीं हुई है।

पानी की समस्या के समाधान पर अब नजर

फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन तय समय में नया बोर खनन कराकर पेयजल की समस्या दूर कर पाता है या नहीं। यदि बोरवेल सफल नहीं होता है, तो प्रशासन द्वारा बोइरडीही जलाशय से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *