ग्वालियर। शहर की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर हाई कोर्ट की निगरानी में चल रही जांच में अब नगर निगम के साथ NHAI और PWD की सड़कों पर भी सवाल खड़े हुए हैं। मेहरा टोल से सिकरोदा चौराहा तक सड़क के लिए लिए गए सैंपल की रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की गई है। रिपोर्ट में सड़क निर्माण की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात सामने आई है।

वहीं, PWD की एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री तक की सड़क के सैंपल भी जांच में फेल होने की जानकारी सामने आई है। मामले में हाई कोर्ट द्वारा गठित जांच आयोग की रिपोर्ट और NSV सर्वे को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेहरा टोल-सिकरोदा सड़क के सैंपल में सामने आई कमियां
हाई कोर्ट की निगरानी में ग्वालियर की सड़कों की गुणवत्ता की जांच चल रही है। इसी क्रम में मेहरा टोल से सिकरोदा चौराहा तक की सड़क के सैंपल की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। जांच के दौरान सड़क की विभिन्न परतों, निर्माण सामग्री और तय मानकों के मुताबिक किए गए कार्य का परीक्षण किया गया।
रिपोर्ट में सड़क पर मौजूद गड्ढों और उनकी मरम्मत से जुड़े तथ्यों का भी उल्लेख किया गया है। इससे संबंधित सड़क के निर्माण और रखरखाव को लेकर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
PWD की सड़क के सैंपल भी फेल
जांच के दौरान एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री तक की PWD सड़क के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतरने की जानकारी सामने आई है।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े इन परीक्षणों की रिपोर्ट अब हाई कोर्ट के समक्ष रखी गई है। इससे नगर निगम के अलावा अन्य एजेंसियों के अधीन आने वाली सड़कों की गुणवत्ता भी न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है।
NSV सर्वे की अंतरिम रिपोर्ट अभी बाकी
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट द्वारा गठित जांच आयोग के अध्यक्ष ने अदालत को बताया कि NSV (नेटवर्क सर्वे व्हीकल) से किए गए सर्वे की अंतरिम रिपोर्ट अभी पेश किया जाना बाकी है।
NSV सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद ग्वालियर की सड़कों की स्थिति को लेकर जांच का दायरा और तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। इसी के चलते हाई कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
8 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत में पेश की गई विभिन्न रिपोर्ट और लंबित NSV रिपोर्ट को देखते हुए मामले में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
हाई कोर्ट की निगरानी में चल रही इस जांच में अब नगर निगम के साथ NHAI और PWD की सड़कों से जुड़े सैंपल की रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। अब संबंधित रिपोर्टों और NSV सर्वे के आधार पर अदालत आगे क्या निर्देश देती है, इस पर नजर रहेगी।