राजनांदगांव। डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग पर एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा है। सड़क किनारे एक ढाबे के पास बने पुल पर तेंदुआ आराम करता हुआ दिखाई दिया। रास्ते से गुजर रहे एक वाहन चालक ने तेंदुए को देखा तो मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हालांकि, वीडियो की तारीख और सटीक लोकेशन की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इस क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सामने आने का यह पहला मामला भी नहीं है। डोंगरगढ़-खैरागढ़ के अलग-अलग इलाकों में पहले भी तेंदुए की तस्वीरें और वीडियो सामने आ चुके हैं।

पुल पर बैठा नजर आया तेंदुआ
वायरल वीडियो में सड़क के बीच बने पुल पर एक तेंदुआ आराम से बैठा नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि देर रात तेंदुआ काफी देर तक पुल पर मौजूद रहा। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक वाहन चालक ने उसका वीडियो बना लिया।
वीडियो सामने आने के बाद इलाके में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं तेंदुए
डोंगरगढ़-खैरागढ़ के बीच जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में पहले भी तेंदुए की मौजूदगी के मामले सामने आते रहे हैं। मई 2025 में डोंगरगढ़ के सुदर्शन पहाड़ पर तेंदुआ दिखाई दिया था। रिहायशी क्षेत्र से लगे पहाड़ पर तेंदुआ नजर आने के बाद वन विभाग ने उसकी तलाश और निगरानी शुरू की थी।
इसके बाद अगस्त 2026 में खैरागढ़ वन मंडल के करेला-भंडारपुर स्थित मां भवानी मंदिर के आसपास भी तेंदुआ दिखाई देने की तस्वीरें सामने आई थीं। उस समय तत्कालीन डीएफओ पंकज राजपूत ने तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए वन विभाग की टीम द्वारा निगरानी किए जाने की जानकारी दी थी।
तेंदुओं की सुरक्षा भी बनी चुनौती
डोंगरगढ़ के पहाड़ी क्षेत्र से लेकर खैरागढ़ के जंगल और ग्रामीण इलाकों तक तेंदुओं की मौजूदगी के मामले सामने आते रहे हैं। जंगल, पहाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली सड़कें वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन वाले क्षेत्रों से जुड़ी हैं। ऐसे में कई बार वन्यजीव सड़क या आबादी के आसपास दिखाई दे जाते हैं।
हालांकि, वन्यजीवों की मौजूदगी के साथ उनकी सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। दिसंबर 2025 में खैरागढ़ वनमंडल के दैहान क्षेत्र में एक मादा तेंदुए की मौत का मामला सामने आया था। जांच के दौरान उसके शिकार और शरीर के अंग अलग किए जाने की बात सामने आई थी। वन विभाग ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
वहीं, जनवरी 2026 में डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र के रानीगंज इलाके में भी एक तेंदुआ मृत मिला था। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
सड़क पर तेंदुआ दिखे तो बरतें सावधानी
डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग पर तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए वाहन चालकों के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। यदि सड़क पर तेंदुआ दिखाई दे तो वाहन रोककर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
तेंदुए के करीब जाने, उसका पीछा करने, हॉर्न बजाने या भीड़ लगाकर वीडियो बनाने से बचना चाहिए। अचानक घिर जाने या खतरा महसूस होने पर वन्यजीव का व्यवहार बदल सकता है, जिससे इंसान और तेंदुए दोनों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
तेंदुए की सटीक लोकेशन को बड़े स्तर पर सार्वजनिक करने के बजाय ऐसे मामलों की सूचना वन विभाग को देना अधिक सुरक्षित तरीका है।
वीडियो की पुष्टि होना बाकी
फिलहाल ढाबे के पास पुल पर तेंदुआ दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि, वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
डोंगरगढ़ के सुदर्शन पहाड़, खैरागढ़ के करेला-भंडारपुर और अब डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग पर तेंदुए की मौजूदगी के सामने आए मामले इस क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता को सामने लाते हैं। ऐसे में जंगल और सड़क के बीच बढ़ते संपर्क को सुरक्षित बनाए रखना वन्यजीवों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए जरूरी है।