रायपुर। राजधानी रायपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से भाटागांव क्षेत्र के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। केसरी बगीचा, हरिओम नगर और भर्री खार इलाके में नदी का पानी करीब 2 से 3 किलोमीटर तक फैल गया है। कई घरों में पानी घुसने के साथ दर्जनों परिवार बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं।

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद शासन-प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावें भेजी गईं। हालांकि, रेस्क्यू के लिए उतारी गई कुछ नावों के खराब होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, खराब नाव को पेड़ से बांधकर रखा गया है। बाढ़ के बीच फंसे लोग प्रशासन से जल्द मदद और सुरक्षित निकासी की मांग कर रहे हैं।
शरबा भट्टी क्षेत्र बना टापू
बाढ़ के पानी से शरबा भट्टी क्षेत्र चारों तरफ से घिर गया है। पानी भरने के कारण यह इलाका टापू जैसा नजर आ रहा है और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलभराव के चलते क्षेत्र में पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
अस्पताल और पेट्रोल पंप भी बाढ़ की चपेट में
खारुन नदी का पानी आसपास के कई प्रमुख स्थानों तक पहुंच गया है। सुविधा हॉस्पिटल और एक पेट्रोल पंप भी जलभराव की चपेट में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कई घरों में पानी घुस गया है। कुछ लोग अपने घरों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कई परिवार सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीम का इंतजार कर रहे हैं।
सैकड़ों एकड़ सब्जी की फसल डूबी
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर खारुन नदी किनारे स्थित सब्जी बाड़ियों पर पड़ा है। पानी भरने से सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जियों की फसल डूब गई है। इससे किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
मुर्गी फार्म में 1000 से ज्यादा पक्षियों की मौत
बाढ़ के पानी से एक मुर्गी फार्म भी प्रभावित हुआ है। जानकारी के मुताबिक, फार्म में मौजूद एक हजार से ज्यादा मुर्गियों और मुर्गों की मौत हो गई। पानी तेजी से बढ़ने के कारण पक्षियों को सुरक्षित निकालने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका।
बाढ़ प्रभावितों के रेस्क्यू के प्रयास जारी
प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में घरों में रहने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर जाएं और रेस्क्यू टीम के निर्देशों का पालन करें।