कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, धर्म परिवर्तन कर शादी करने के कथित दबाव और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवक आलोक दुबे ने आत्महत्या कर ली। मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने उसकी लिव-इन पार्टनर अमीना ताज को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

4 साल से लिव-इन में रहने का दावा
पुलिस के अनुसार, आलोक दुबे और अमीना ताज करीब चार वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। जांच में पुलिस को कथित तौर पर ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर आरोप है कि अमीना ताज आलोक पर मुस्लिम धर्म स्वीकार कर मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी करने का दबाव बना रही थी।
पुलिस का यह भी आरोप है कि शादी से इनकार करने पर आलोक को दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी जाती थी। पुलिस के मुताबिक, लगातार दबाव और कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आलोक ने 29 जुलाई 2026 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मोबाइल और लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक अधिकारी की रिपोर्ट और परिजनों एवं गवाहों के बयान लिए गए।
पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किया। वहीं आरोपी अमीना ताज के पास से भी तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक, इन साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 23 सितंबर को अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद 24 सितंबर को अमीना ताज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में अमीना ताज के खिलाफ BNS की धारा 108 के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पुलिस जांच में सामने आए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। मामले की विवेचना जारी है और अदालत में आरोपों का परीक्षण होना बाकी है।
2025 में भी सूदखोरी मामले में गिरफ्तारी की जानकारी
पुलिस और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अमीना ताज के खिलाफ वर्ष 2025 में भी सूदखोरी और कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़ा मामला दर्ज हुआ था। उस मामले में आरोप था कि लोगों को ब्याज पर रकम देने के बाद कथित तौर पर अधिक राशि वसूलने, धमकाने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। पुलिस ने उस मामले में अमीना ताज और उसके एक सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई की थी।
हालांकि, 2025 के मामले के आरोप वर्तमान आत्महत्या प्रकरण से अलग हैं और दोनों मामलों की कानूनी स्थिति अलग-अलग है।